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ऑनलाइन शिक्षा:वरदान या अभिशाप?

शिक्षा लोगो के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अच्छी शिक्षा प्राप्त करना हर देश के नागरिक का अधिकार है। शिक्षित व्यक्ति अच्छी शिक्षा के बलबूते पर अपने करियर का निर्माण करता है।आजकल वर्तमान जीवन में ऑनलाइन शिक्षा का बोलबाला है। ऑनलाइन शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जहाँ शिक्षक दूर से और दुनिया के किसी भी कोने से इंटरनेट के माध्यम से जुड़ सकता है। शिक्षक स्काइप ,ज़ूम इत्यादि एप्प के ज़रिये वीडियो कॉल करते  है और बच्चे लैपटॉप या कंप्यूटर पर शिक्षक को देख और सुन सकते है। शिक्षक बच्चो को पढ़ाने के लिए अपने कंप्यूटर की स्क्रीन शेयर करते है जिससे बच्चे घर बैठे शिक्षा प्राप्त कर पाते है।आज के आधुनिक जमाने में ऑनलाइन शिक्षा ने अपनी जगह बना ली है। आज दुनिया के सारे देशो के बच्चे ऑनलाइन शिक्षा का उपयोग करके आसानी से पढ़ाई कर पा रहे है। ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने के लिए अच्छी और तीव्र गति की इंटरनेट कनेक्टिविटी की ज़रूरत है। शिक्षक दूरस्थ शिक्षा में वीएच अस वीडियो, डीवीडी और इंटरनेट के पाठ्यक्रमों के अनुसार बच्चो को पढ़ाते है। यह एक अनोखा तरीका है जिसके माध्यम से  सभी उम्र के छात्र पढ़ सकते है। इंटरनेट की सहजता के कारण वर्षो से ऑनलाइन शिक्षा लोकप्रिय हो रही है।

आज की वर्तमान स्थिति में बच्चे स्कूल और कॉलेजों में शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रहे है लेकिन ऑनलाइन शिक्षा ने रास्ता काफी आसान कर दिया है। बच्चे निश्चिंत होकर घर पर अपनी पढ़ाई पूरी कर पा रहे है। कुछ बच्चे दूर शिक्षकों के घर या कोचिंग संगठनों में जाकर पढ़ाई नहीं कर पाते है। वह ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से अपनी पढ़ाई पूरी करते है और परीक्षा देकर ऑनलाइन डिग्री हासिल कर लेते है। आजकल ज़्यादातर प्रोफेशनल कोर्सेज ऑनलाइन होती है। विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ते है और ऑनलाइन परीक्षा देकर अपनी निश्चित डिग्री प्राप्त कर लेते है।

ऑनलाइन शिक्षा से हम सिर्फ भारत में ही नहीं विदेशों में दी जाने वाली ज़रूरी शिक्षा हासिल कर लेते है। इससे हमारा ज्ञान काफी विकसित होता है। ऑनलाइन शिक्षा की वजह से विद्यार्थियों को कहीं जाना नहीं पड़ता और इससे यात्रा के समय की बचत हो जाती है ।अपने सुविधा अनुसार छात्र वक़्त का चुनाव कर ऑनलाइन  क्लासेज  में शामिल  हो जाते है।ऑनलाइन शिक्षा में विद्यार्थी शिक्षक द्वारा ली गयी क्लास को रिकॉर्ड कर सकते है। जिससे कक्षा के पश्चात विद्यार्थी रिकॉर्डिंग को पुनः सुन सकते है और कहीं शंका हो तो बेझिजक शिक्षक से दूसरे क्लास में पूछ सकते है।इससे संकल्पना यानी कांसेप्ट छात्रों को समझ आ जाता है। ऑनलाइन शिक्षा में किसी प्रकार की विषय संबंधित समस्या हो तो शिक्षक से ऑनलाइन पूछ सकते है। इसके लिए कहीं जाने की ज़रूरत नहीं है।ऑनलाइन पढ़ाने के लिए शिक्षक ने  कुछ कार्यक्रमों को फ़्लैश कार्ड और गेम जैसे बनाया  है जो छात्र के सीखने के अनुभव को बढ़ाता है।

सिविल सेवा परीक्षा और इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसी पढ़ाई शिक्षा संस्थानों में नहीं बल्कि ऑनलाइन हो रही है। यह कहना मुश्किल है कि कोरोना काल कब तक चलेगा और इसलिए  विद्यार्थीओ को समाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य है | इस परिस्थिति में  ऑनलाइन शिक्षा एक बेहतर विकल्प है। आज कल तेज़ी से बढ़ती हुयी दुनिया के पास समय की कमी है और वेब के माध्यम से दी जाने वाली सभी सेवाएं लोकप्रियता प्राप्त कर रही है।

ऑनलाइन शिक्षा की तरफ लोग ज़्यादा पैमाने में आकर्षित हो रहे है क्यूंकि यह सुविधाजनक होने के संग ,पैसे और समय बचाता है। ऑनलाइन शिक्षा एक वरदान कि तरह तो है परन्तु इसके कुछ खामियां भी है।ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने के लिए अच्छी इंटरनेट कनेकटिविटी होना अनिवार्य है।देश में ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में बिजली की इतनी अच्छी सुविधा नहीं है जिससे आसानी से ऑनलाइन कक्षा किया जा सके। बच्चे  जो ग्रामीण परिवार से जुड़े जहाँ ऑनलाइन शिक्षा का प्रचलन नहीं है। उनके पास कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा इत्यादि नहीं है। वह ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ है।हर परिवार इंटरनेट का खर्चा नहीं उठा पाता है इसलिए ऐसी परिस्थितियों में उन छात्रों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
एक और बात गौर करने वाली है कि, एक और जहां इस तकनीकी युग में ऑनलाइन कक्षा का प्रचलन बढ़ रहा है,वहीं दूसरी और छात्रों में इसका मानसिक असर भी पड़ रहा है। एक और जहां छात्र कॉलेज, स्कूल जाकर पढ़ते थे, अपने मित्रो से मिलते थे, ब्रेक समय में अपने लंच बॉक्स का आदना प्रदान करते थे,जिससे उनमें ज्यादा तनाव नहीं होता था। अगर पढ़ाई में कोई दिक्कत नहीं होता हो, एक दूसरे से मिल कर पूछ कर सहायता लेना सबसे अच्छा विकल्प होता था।परन्तु ये अब ऑनलाइन कक्षा में इतनी अच्छी तरह से संभव नहीं। बच्चों को असाइनमेंट, प्रोजेक्ट का कार्य मिल तो जाता है पर वो उसे अकेले में पूर्ण करने में कुछ छात्र असमर्थ होते है जिससे उनमें मानसिक तनाव बढ़ने के आसार होते है।
ऑनलाइन कक्षा में एक सिस्टम के आगे बैठ कर पढ़ना, 5-6 घंटो के लिए हमारे शरीर में भी असर डालता है।
कंप्यूटर, लैपटॉप से निकली तरंगे हमारी आंखो पर तो असर डालती ही है साथ में एक जगह बैठे बैठे कमर दर्द की शिकायत भी कुछ छात्रों में होने लगती है।

निष्कर्ष

ऑनलाइन शिक्षा उन लोगों के लिए बढ़िया विकल्प है जो काम करते हुए या घर की देखभाल करने के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख पाते है। अपनी सुविधा अनुसार वह ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर सकते है। यह एक नयी प्रकार की शिक्षा है जो हर देश अपना रहा है। विद्यार्थिओं को ज़रूरत है कि वह मन लगाकर पढ़े और अपना और अपने देश का  भविष्य उज्जवल करे। जो बच्चे ऑनलाइन शिक्षा को पाने में असमर्थ है उनके लिए निशुल्क ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था करने की ज़रूरत है ताकि शिक्षा से कोई वंचित ना रहे।ऑनलाइन शिक्षा एक बढ़िया माध्यम है जहाँ छात्रों को अवश्य शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए।
अवश्य ही टेक्नोलोजी ने हमारे जीवन को सरल कर दिया, जो काम घंटो लगते थे वो अब मिनटो में हो जाते है।परन्तु अब ये हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम जिस तकनीकी युग में जी रहे है, उस टेक्नोलोजी का किस तरह से उपयोग कर सकते है। हर चीज के दो पहलू होते हैं, एक सक्रतामाक और दूसरा नकारात्मक। हम इस अवसर को वरदान के रूप में लेना चाहिए ना की इसको हमारे जीवन में अभिशाप का रूप देना चाहिए।

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