ब्रह्मण का पर्यायवाची शब्द (brahman ka paryayvachi shabd) यानी ब्रह्मण के समान अर्थ रखने वाले शब्दों की एक विस्तृत सूची प्रस्तुत करेंगे। यह सूची आपको के विभिन्न पर्यायवाची शब्दों के बारे में जानकारी प्रदान करेगी, जिनका उपयोग आप विविध रूपों में कर सकते हैं
परिचय
पर्यायवाची शब्दों का उपयोग भाषा में विविधता और रंगिनीता को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। ये शब्द एक ही अर्थ की विभिन्न श्रेणियों में प्रस्तुत किए जाते हैं ताकि भाषा का प्रयोग अधिक सुंदर और प्रभावशाली हो सके। “ब्रह्मण” शब्द भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह शब्द वेदांत दर्शन में आद्य तत्त्व को दर्शाने वाला है जिसे ब्रह्म कहा जाता है। इसके पर्यायवाची शब्द भी इस विशेष अर्थ को समझने में मदद करते हैं और भाषा को और भी समृद्ध करते हैं।

Brahman के पर्यायवाची शब्द:
पर्यायवाची शब्द | अर्थ |
---|---|
परमात्मा | उच्चतम आत्मा |
ईश्वर | नियंत्रक |
ब्रह्म | अद्वितीय तत्त्व |
सर्वव्यापी | सभी जगह व्याप्त |
निराकार | बिना आकार का |
आत्मा | जीवात्मा |
परमेश्वर | सर्वशक्तिमान |
आदित्य | सूर्य |
सत्यम् | असली |
विश्व | जगत |
अज | अजन्मा |
जगदीश | जगत का स्वामी |
परमपुरुष | उच्चतम पुरुष |
सच्चिदानंद | असली, ज्ञान और आनंद |
ज्योतिर्मय | प्रकाशमय |
अमृत | अनन्त जीवन |
अव्यक्त | अप्रकट |
प्राण | जीवन शक्ति |
अविकारी | बिना परिवर्तन |
सनातन | शाश्वत |
नित्य | शाश्वत |
अक्षर | अविनाशी |
परब्रह्म | अत्यंत ब्रह्म |
उन्मादी | उत्कट |
परमनंद | अद्वितीय आनंद |
विश्वात्मा | जगत का आत्मा |
व्यापक | सर्वव्यापी |
अव्यक्तात्मा | बिना आकार का आत्मा |
परमज्योति | उच्चतम प्रकाश |
अपरिमित | अनगिनत |
आनंदमय | आनंद से परिपूर्ण |
ब्रह्मण का महत्व:
ब्रह्मण एक महत्वपूर्ण धार्मिक और दार्शनिक अवधारणा है जो भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में गहरे महत्व के साथ संबंधित है। यह एक उच्चतम और अद्वितीय तत्त्व का प्रतीक है जो जीवन की मूल और अंतिम अर्थ को समझने का प्रयास करता है। ब्रह्मण के महत्व को निम्नलिखित प्रकारों से समझा जा सकता है:
अद्वितीयता का प्रतीक:
ब्रह्मण एकत्व और अद्वितीयता की प्रतिष्ठा है। यह दर्शाता है कि सभी जीवों और जगत की भीतरवादी एकता है जिसमें कोई भी भिन्नता नहीं है।
जीवन का आदिकारण:
ब्रह्मण की धारणा से हमें जीवन के आदिकारण और उद्देश्य की समझ मिलती है। यह सिखाता है कि हमारे जीवन का उद्देश्य अद्वितीयता में समाहित होना चाहिए।
आध्यात्मिक विकास का मार्गदर्शन:
ब्रह्मण की प्राप्ति से हम अपने आध्यात्मिक विकास के मार्ग में मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं। यह हमें आत्म-ज्ञान, सम्पूर्णता और आनंद की दिशा में प्रेरित करता है।
धार्मिक तथा मानवीय मूल्यों की प्रतिष्ठा:
ब्रह्मण की मानवीय और आध्यात्मिक मूल्यों में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह हमें अहिंसा, सत्य, दया, करुणा, और सहनशीलता की महत्वपूर्णता का बोध कराता है।
समाज के विकास का प्रोत्साहन:राणिक महत्व
ब्रह्मण के अद्वितीय और समान मूल्यों के आधार पर, समाज में सभी के बीच समानता की भावना विकसित होती है, जो समाज के विकास को प्रोत्साहित करता है।
आत्म-साक्षात्कार की साधना:
ब्रह्मण के माध्यम से हम अपने आत्मा की साक्षात्कार की दिशा में प्रयास करते हैं। यह साधना हमें स्वयं के साथ एकता प्राप्त करने में मदद करती है।
पर्यायवाची शब्दों के अर्थ और उनके अंग्रेजी अर्थ
पर्यायवाची शब्द | अर्थ | अंग्रेजी अर्थ |
---|---|---|
परमात्मा | उच्चतम आत्मा | Supreme Soul, Atman |
ईश्वर | नियंत्रक | God, Controller |
ब्रह्म | अद्वितीय तत्त्व | Absolute Reality, Brahman |
सर्वव्यापी | सभी जगह व्याप्त | All-pervading |
निराकार | बिना आकार का | Formless |
आत्मा | जीवात्मा | Self, Soul |
परमेश्वर | सर्वशक्तिमान | Almighty, Supreme |
आदित्य | सूर्य | Sun |
सत्यम् | असली | Truth |
विश्व | जगत | Universe, World |
अज | अजन्मा | Unborn |
जगदीश | जगत का स्वामी | Lord of the World |
परमपुरुष | उच्चतम पुरुष | Supreme Being |
सच्चिदानंद | असली, ज्ञान और आनंद | Existence-Knowledge-Bliss |
ज्योतिर्मय | प्रकाशमय | Full of Light |
अमृत | अनन्त जीवन | Immortal, Elixir |
अव्यक्त | अप्रकट | Unmanifest |
प्राण | जीवन शक्ति | Vital Energy, Life Force |
अविकारी | बिना परिवर्तन | Changeless |
सनातन | शाश्वत | Eternal |
नित्य | शाश्वत | Permanent |
अक्षर | अविनाशी | Imperishable |
परब्रह्म | अत्यंत ब्रह्म | Supreme Brahman |
उन्मादी | उत्कट | Transcendent |
परमनंद | अद्वितीय आनंद | Supreme Bliss |
विश्वात्मा | जगत का आत्मा | World Soul |
व्यापक | सर्वव्यापी | All-encompassing |
अव्यक्तात्मा | बिना आकार का आत्मा | Formless Self |
परमज्योति | उच्चतम प्रकाश | Supreme Light |
अपरिमित | अनगिनत | Limitless |
आनंदमय | आनंद से परिपूर्ण | Full of Joy |
पौराणिक और साहित्यिक महत्व
ब्रह्मण शब्द पौराणिक और साहित्यिक परंपराओं में गहरे महत्व के साथ जुड़ा हुआ है। यह न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह साहित्य, दर्शन और कला में भी एक अद्वितीय स्थान रखता है। निम्नलिखित हैं ब्रह्मण के पौराणिक और साहित्यिक महत्व के कुछ पहलु:
पौराणिक महत्व
वेद परायणता: ब्रह्मण शब्द वेदों की महत्वपूर्णता को दर्शाता है, जिन्हें हिन्दू धर्म की प्रमुख पुस्तकों में माना जाता है।
पौराणिक कथाएं: पुराणों में ब्रह्मण की कई महत्वपूर्ण कथाएं और विवेचन हैं, जो धार्मिक और आध्यात्मिक सिद्धांतों को समझाने में मदद करते हैं।
देवताओं का प्रतीक: ब्रह्मण को देवताओं के प्रतीक के रूप में भी पूजा जाता है।
संस्कृति में योगदान: ब्रह्मण की धारणा संस्कृति, कला, संगीत, और विचारशीलता में भी योगदान करती है।
साहित्यिक महत्व
दार्शनिक आदर्श: ब्रह्मण के विचार दार्शनिक और तत्त्वज्ञान में आदर्श के रूप में भी महत्वपूर्ण हैं।
काव्य और लेखन में उपयोग: साहित्य में ब्रह्मण के विचार और सिद्धांतों का उपयोग काव्य, कहानी, उपन्यास, और लेखन में भी किया जाता है।
आध्यात्मिक ग्रंथों में: आध्यात्मिक ग्रंथों में ब्रह्मण के दर्शन और उसके आदर्शों की महत्वपूर्ण उपलब्धि होती है।
विचार और प्रेरणा के स्रोत: साहित्यिक रचनाओं में ब्रह्मण के विचार और आदर्श से लोगों को आदर्शवादी और उद्देश्य-मुखी जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।
साहित्यिक आदर्श: साहित्यिक रचनाओं में ब्रह्मण के आदर्शों का उपयोग समाज में श्रेष्ठता, ईमानदारी, और उद्देश्य-मुखता के आदर्श के रूप में भी होता है।
निष्कर्ष
ब्रह्मण का महत्व पौराणिक और साहित्यिक परंपराओं में गहरे रूप से व्यक्त होता है। यह धार्मिक दर्शन, आध्यात्मिक उत्कृष्टता, और मानवता की मूलभूत मान्यताओं का प्रतीक है। इसके पौराणिक और साहित्यिक अंश ने समाज के धार्मिक और सांस्कृतिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ब्रह्मण के आदर्शों से हमें सहयोग, शांति, और समृद्धि की प्राप्ति के मार्ग में मार्गदर्शन प्राप्त होता है। इसका साहित्यिक महत्व भी विशेष रूप से है, क्योंकि यह विचारशीलता, आदर्शवाद, और आत्म-साक्षात्कार की प्रेरणा प्रदान करता है। इस प्रकार, ब्रह्मण का महत्व पूरे मानव समाज में आदर्श और उद्देश्य के साथ जुड़ा हुआ है और यह समृद्धि, शांति, और सहयोग के मार्ग में हमें मार्गदर्शन प्रदान करता है।
FAQ's
ब्रह्मण का आध्यात्मिक महत्व आत्मज्ञान, समाधान, और आदर्शवादी जीवन जीने में होता है।
परमात्मा ब्रह्मण का एक स्वरूप है, जिसे सच्चिदानंद स्वरूप से प्रकट किया जाता है।
ब्रह्मण का विश्व में एकत्व और सहयोग की भावना पैदा करता है, जिससे समरसता और शांति की स्थापना होती है।
ब्रह्मण का आदर्शवादी जीवन में सत्य, नैतिकता, और सहयोग की महत्वपूर्णता को प्रकट करता है, जो एक समरस और उद्देश्य-मुख जीवन की दिशा में मार्गदर्शन करता है।